आदरांजली.....

"मैं यहाँपर संविधान की अच्छाइयाँ गिनाने नहीं जाऊँगा, मुझे लगता हैं की, संविधान कितना भी अच्छा क्यूँ न हो वो अंततः बुरा साबीत होगा अगर, उसे इस्तेमाल में लानेवाले लोग बुरे होंगे, और संविधान कितना भी बुरा क्यूँ न हो, वो अंततः अच्छा साबीत होगा अगर उसे इस्तेमाल में लानेवाले लोग अच्छे होंगे, इसलिए जनता और उसके राजनितीक दलों की, भुमिका को संदर्भ में लाए बगैर, संविधान पर, कोई भी निर्णय देना, या कोई भी टिपण्णी करणा मेरे विचार में व्यर्थ होगा.... "
-Dr. Ambedkar's speech presenting Constitution of India
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आज के दिन डॉ बाबासाहेब आंबेडकर को याद करते वक्त, उनका यह भाषण याद आता है, जो आज भी सार्थक लगता है....
   आज के दिन इस भाषण को समझकर, हम अगर, अच्छे लोगों को यानी ऐसे लोगों को जो पारदर्शकता और जवाबदेही के साथ संविधान के अनूसार कार्य करने हेतू संकल्पबध्द हो ऐसे लोगों का समर्थन करने की भुमिका अपनाए तो यह, बाबासाहेब के प्रती सच्ची आदरांजली होगी.......
https://youtu.be/FBgC1u1TRuY

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